Friday, April 17, 2009

जो गूगल कहे वो सच बाकि सब झूठे...

अगर आपका प्रोफाइल गूगल से मिटा दिया जाए या इस ब्लॉग को ही हटा दिया जाए तो आश्चर्य करने की जरुरत नही है, क्योंकि गूगल बाबा को ये अधिकार हासिल है उनकी सेवा शर्तो के द्वारा।
गूगल बाबा की मनमानी के बारे मे तो कई बार सुना पर जब मेरे साथ हुआ तब पता चला कि सच मे यहाँ चोरी और सीनाजोरी वाली बात हैगूगल महाराज मुफ्त सेवा के नाम पर बहुत कुछ दे रहे है पर इसका मतलब ये नही की मनमानी करने लग जाए (वैसे ये तो गूगल सेवा की शर्त मे ही लिखा है कि गूगल महाराज कभी भी आपके प्रोफाइल को मिटने के लिए स्वतंत्र है)।
मेरी कजन का ऑरकुट पर एक प्रोफाइल बना थाएकदम साफ सुथराइसका ऑरकुट लिंक मै यहाँ डाल रहा हूँ.
http://www.orkut.co.in/Main#Profile.aspx?rl=mp&uid=7604639395457073309

एल्बम मे कोई फोटो तक नही थादो चार विडियो थे जिनपर अगर किसी का कॉपीराइट था तो ये यूट्यूब की समस्या थीइस प्रोफाइल को गूगल द्वारा डिलीट कर दिया गयाकारण बताया गया कि प्रोफाइल द्वारा गूगल के सेवा की शर्तों को भंग किया गया हैमै बस सोचता रह गया कि आखिर सेवा की कौन सी शर्त भंग की गई हैफिर मैंने गूगल महाराज को लिखा कि इस प्रोफाइल को पुनः देख कर कम से कम ये तो बता दे कि आखिर सेवा की शर्ते कहा भंग हो रही हैपर गूगल महाराज की तरफ़ से छोटा सा उत्तर आया कि आपके प्रोफाइल को जांचा गया है और इसके द्वारा सेवा की शर्ते भंग की जा रही है
लो भई मैंने भी माना कि कही कोई सेवा की शर्त भंग हो गई होगी पर कम से कम प्रोफाइल डिलीट करने के साथ ये तो बताया जाना चाहिए कि कौन सी चीज गूगल महाराज के सेवा की शर्तों को भंग कर रहा है। चलो हम कुछ तो कर नही सकते है क्योंकि मुफ्त मे मिलाने वाली सेवा के साथ इस तरह का सेवा शर्त जोड़ कर रखा ही जाता है कि दूसरा पक्ष कुछ कर नही सकता। पर अगर सच मे ये व्यावसायिक सेवा रहती तो मै गूगल महाराज को जरुर बताता की जो वो कहे वही सही नही है; दुनिया मे और भी बहुत सी बाते सही है।
हाँ अगर मेरा ब्लॉग भी गूगल महाराज की तरफ़ से डिलीट कर दिया जाए तो कोई आश्चर्य की बात नही क्योंकि इस पोस्ट द्वारा ही गूगल की सेवा की शर्ते भंग कर दी गई है।

6 comments:

Shikha Deepak April 17, 2009 at 10:33 AM  

पिछले दिनों गूगल ने हमारी एक वेबसाइट www.embroidery-designs-guide.com को बैन कर दिया था जबकि सालों से हमने उसमें कुछ विशेष फेरबदल नहीं किया। पता नहीं किन शर्तों के उलंघन को कारन माना गया था। खैर काफी कोशिश के बाद अब वो पुनः चालू हुई है।

Anil April 17, 2009 at 10:52 AM  

समूचे अंतरजाल पर एक-एक चीज को परखना गूगल बाबा के बस का रोग नहीं। वह तो कुछ स्वचालित अनुक्रमों के जरिये ऐसी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। सबक: कंप्यूटर पर हर चीज का बैकप रखें!!!!

काजल कुमार Kajal Kumar April 17, 2009 at 12:13 PM  

अनिल जी ने सही कहा है, इतने बड़े इन्टरनेट पर किसी को फुर्सत नहीं कि व्यक्तिगत तौर पर कुछ किया जाए. सब मशीनों के हवाले है. कुछ भी हो सकता है. यहाँ, सवारियां अपने सामान कि खुद जिम्मेदार हैं, और सुनवाई यूं भी प्रतिबंधित ही समझो.

Raviratlami April 17, 2009 at 2:01 PM  

मैंने रोमन हिन्दी में पढ़ने वालों के लिए रचनाकार का एक स्वचालित ब्लॉग बनाया था जो हिन्दी में रचनाकार में पोस्ट प्रकाशित करने के तुरंत बाद अंग्रेजी रोमन फी़ड लेकर उसे प्रकाशित करता था. गूगल के स्वचालित बॉट को यह लगा कि मामला कंटेंट चोरी का है (जबकि उपयोक्ता दोनों ब्लॉगों का एक ही है!) और उस ब्लॉग को बंद करने की चेतावनी दी (धन्यवाद, पहले चेतावनी दे दी!). मैंने अपडेट बन्द कर दिया. हालाकि कुछ प्रयास करने पर समस्या सुलझ सकती थी. मगर समय का तो टोटा है...

बैकअप ही एकमात्र विकल्प है.

अभिषेक आनंद April 17, 2009 at 6:58 PM  

@ Shikha Deepak चलो आपकी वेबसाईट चालू तो हो गयी.
@ Anil अपने सच कहा की बैकअप रखना एक विकल्प है पर बात यहाँ ऑरकुट प्रोफाइल की है जिसका कोई बैकअप नहीं हो सकता न.
@ Kajal Kumar आपकी ये बात तो सच है की सुनवाई यहाँ प्रतिबंधित है. और हाँ अगर सब मशीनों को ही करना है तो review का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है.
@ Raviratlami jee आपके ब्लॉग के बारे में मैंने पहले पढ़ा था, पर कुछ चीजो का कोई बैकअप नहीं हो सकता न.

नरेश सिह राठौङ April 18, 2009 at 6:46 PM  

भाई अभिषेक जी , बडा आदमी ही दादा गीरी करता है । और वहा तो कोई सुनने वाला भी नही है ।

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